लैंडिंग पेज की लागत किन बातों से बढ़ती है?

सेक्शन की संख्या कार्य-दायरे का सिर्फ़ एक हिस्सा है। ऑफ़र का टेक्स्ट लिखने, मौलिक विज़ुअल डिज़ाइन करने और फ़ॉर्म को आपके बिक्री के टूल से जोड़ने में भी काम लगता है। पूछें कि कोटेशन में ये काम शामिल हैं या यह माना गया है कि तैयार सामग्री आप देंगे।

सुविधाएँ चुनने से पहले कन्वर्ज़न का पूरा रास्ता लिख लें। ईमेल भेजने वाला संपर्क फ़ॉर्म एक काम है। लीड को परखना, CRM रिकॉर्ड अपडेट करना, मीटिंग बुक करना और विफल सबमिशन संभालना दूसरा काम है।

काम सौंपने से पहले क्या तय करें?

एक मुख्य लक्ष्य तय करें, ज़रूरी सेक्शन बताएँ और इंटीग्रेशन की सूची दें। पुष्टि करें कि टेक्स्ट, फ़ोटो, अनुवाद और खातों तक पहुँच कौन देगा।

हस्तांतरण में साफ़ होना चाहिए कि डोमेन, वेबसाइट और प्लेटफ़ॉर्म खाते का मालिक कौन है, सामग्री कैसे संपादित करें और परीक्षण व संशोधन के कौन-से दौर शामिल हैं। बाद में होने वाले बदलावों की कीमत अलग से पूछें।

बड़ी वेबसाइट कब बेहतर विकल्प है?

लैंडिंग पेज एक ऑफ़र को साफ़ तरीके से पेश कर सकता है। अगर हर सेवा के लिए अलग विवरण, केस स्टडी या सर्च से आने वाले लोगों के लिए अलग लैंडिंग पेज चाहिए, तो इसकी जगह छोटे व्यवसाय की वेबसाइट की योजना बनाएँ। इससे असंबंधित जानकारी एक ही पृष्ठ में ठूँसनी नहीं पड़ेगी।